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कहानी कोल माफिया -किस्सा ए अमलाई थाना ,प्रथम कड़ी….

शहडोल , बुढ़ार  विगत २ वर्षो से पुलिस के संरक्षण में पनप रहे कोयले के काले कारोबार पर पुलिस की नज़ारे इनायत की चर्चा पूरे शहर में जोरो पर है। बटुरा ,बिछिया अमलाई  में कोयले की चोरी विगत २ साल से  जोरो पर जारी है।  आये दिन पुलिस स्वयं अपनी पीठ थपथपाने के लिए २-४ बोरी कोयला पकड़ कर विज्ञप्ति जारी करती है जैसे उसने हल्दीघाटी का युद्ध जीत लिया हो। और अगर स्थानीय जन प्रतिनिधि इसकी शिकायत करे तो उन्हें ही उल्टा किसी अन्य मामले में फसाकर  सभी को डराने का प्रयास कर रही है।  असली कोल माफिया कौन  है यह तो पूरी पब्लिक जान रही है लेकिन पुलिस का  रवैया देखकर किसी की हिम्मत नहीं पड़ती कि  कोई शिकायत कर सके।  बताया जाता है की रोज ६० ट्रक कोयला निकाला जा रहा था।जिसका बाजारू मूल्य 1 करोड़ से ऊपर है  जिसको निकलवाने के  काम बुढ़ार के ही 5  लोगो का नाम आया था , सोशल मीडिया में कुछ वीडियो भी चले थे.. लेकिन पुलिस के आला अधिकारियो ने वीडियो देखने के बाद भी माफियाओ के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की। एक सम्मानित राजनैतिक ब्राह्मण समाज के मुखिया को 2016  के फर्जी प्रकरण में फसा कर शिकायत कर्ताओ का मुँह बंद करने की कोशिश की ,सहयोग किया कुछ दलालो ने जिससे पूरी पब्लिक का ध्यान उधर हो जाये और कोयला चोरी अनवरत रूप से चलती रहे और माफियाओ को बचाया जा सके , हम इस सबकी क्रमशः पोल खोलने जा रहे है।  पहली कड़ी में सुनिए किस्सा  ए अमलाई थाना , आप जुड़े रहिएगा हम सबकी पोल खोलेंगे जब तक माफिया पर प्रशासन कार्यवाही नहीं करता तब तक हम याद दिलाते रहेंगे –

किस्सा ए  अमलाई  थाना –     पहली चर्चा थाना अमलाई  से शुरू करते है यहाँ पदस्थ है थाना प्रभारी जे पी  शर्मा  बिना इनके संरक्षण के बटुरा बिछिया में मजाल है कोई अवैध उत्खनन कर ले , मजदूर भले माफिया का नाम ले, कोयला की चोरी कोई और पकडे पींठ तो जे पी शर्मा अपनी ही थपथपायेंगे ,  माफिया की जगह उल्टा खदान से मजदूरी कर  कोयला निकालने  वालो को  ही मुजरिम  बना डाला और उसको छोड़ भी दिया।  अमलाई थाना प्रभारी ने कोल  माफिया से मिलकर खुद चक्का जाम  भी करा दिया और स्वयं चका जाम  खुलवाने भी चले गए। पुलिस  नवरत्नों में से एक है , बांकी के 8  भी हम बताएँगे —

आओ इसका पता लगाए-

१. थाना -अमलाई  प्राथमिकी संख्या 145  /2024  दिनांक 12.05.2024   ऍफ़ आई  आर  का विवरण इस प्रकार है-

मैं थाना अमलाई में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ हूं आज दिनांक 12.05.24 को वास्ते विवेचना अपराध वारंटी तलास अपराध पतासाजी कस्बा देहात हमराह आर. 729 कृष्णकुमार के रवाना हुआ था दौरान गस्त भ्रमण के थाना प्रभारी महोदय व्दारा जरिये मोबाइल दूरभाष से अवगत कराया गया कि ग्राम बटुरा सोन नदी के किनारे अबैध रूप से चोरी से कोयले का उत्खनन कर भंडारण, विक्रय के संबंध मे मुखविर की सूचना प्राप्त हुई है मौके पर सूचना की तस्दीक एवं रेड कार्यवाही हेतु हमराह स्टाफ के सोन नदी किनारे ग्राम बटुरा पहुचे तो एक स्थान पर अबैध रूप से खनिज कोयले की चोरी करने के लिये जमीन मे गड्डे खोदकर कोयला बाहर निकालकर रखे हुये पांच व्यक्ति दिखे जिनकी हमराह स्टाफ आर. 729 कृष्णकुमार, आर. 605 कृष्णानंद यादव तथा स्वतंत्र साक्षी सलाम खाँन के साथ घेराबंदी कर रेड कार्यवाही करते हुये मौके पर उपस्थित पाँचो लोगो को अभिरक्षा मे लेकर सभी का पृथक पृथक नाम पता पूछा गया तो क्रमशः अपना अपना नाम (1) जवाहर पाव पिता धन्नू पाव उम्र 27 साल निवासी वार्ड न. 12 मौहारी टोला बटुरा (2) धनीराम पाव पिता बबुला पाव उम्र 42 साल निवासी वार्ड न. 07 बटुरा (3) भारत पाव पिता मल्ला पाव उम्र 33 साल निवासी वार्ड न. 11 बटुरा (4) बिहारी लाल पाव पिता दद्दू पाव उम्र 37 साल निवासी वार्ड न . 07 बटुरा थाना अमलाई जिला शहडोल (5) रतिराम पाव पिता बबनू पाव उम्र 28 साल निवासी वार्ड न. 12 बलबहरा चौकी केशवाही थाना बुढार जिला शहडोल का निवासी होना बताये जो उपरोक्त पाँचो लोगो को सामूहिक रूप से धारा 91 जाफौ. का नोटिस दिया जाकर खनिज कोयला का उत्खनन भंडारण , विक्रय के संबंध मे लिखित जानकारी चाही गई जो उपरोक्त सभी पाँचो लोगो ने सामूहिक रूप से लिखित रूप से नोटिस पर जानकारी दिये कि हम लोगो मे से किसी के पास किसी सक्षम अधिकारी खनिज विभाग तथा माइनिग विभाग का कोई बैध दस्तावेज अनुमति कोयले का उत्खनन भंडारण विक्रय के संबंध मे नही है जो उपरोक्त पाँचो सभी आरोपीगणों का कृत्य अपराध धारा 379,414,34 भादवि 4/21 खनिज अधिनियम के तहत दण्डनीय अपराध पाया जाने से मौके पर समक्ष गवाहान मो. सलाम पिता अनवर खाँन उम्र 49 साल निवासी वार्ड न. 14 उसलापुर थाना अमलाई जिला शहडोल , आर. 605 कृष्णानंद यादव पिता स्व ब्रम्हदेव यादव उम्र 30 साल निवासी थाना अमलाई जिला शहडोल के समक्ष 08.30 बजे अबैध खनिज कोयला करीब 20 टन कीमती करीब 160000 रूपये की जप्त किया गया तथा जप्त शुदा कोयला सुरक्षित थाना लाने हेतु वाहन (डम्फर ) की व्यवस्था कर कोयला वाहन मे लोड कराकर तौल काँटा कराकर तौल पर्ची प्राप्त कर हमराह स्टाप मय जप्त सम्पत्ति व आरोपीगण उपरोक्त के थाना आया आरोपीगणों का धारा 27 साक्ष्य अधिनियम के तहत मेमोरण्डम कथन पृथक पृथक लेख किया गया । आरोपियों का कृत्य उपरोक्त धाराओं में वर्णित दण्ड सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान होने से माननीय सर्वोच्य न्यायालय का क्रिमिनल अपील क्र. 1277/14 अनरेस कुमार विरूद्ध बिहार राज्य एवं पुलिस मुख्यालय का पत्र क्र. अ. अ.वि./विधि/1/विविध/121/14/1021 दिनांक 08.12.14 परिपत्र का पालन करते हुये आरोपीगण को गिरफ्तार न करने की दशा मे धारा 41(1)(बी)(2) जा.फौ. का चेक लिस्ट तैयार कर न्यायालय उपस्थित होने धारा 41-क जा.फौ. का नोटिस दी जाकर पाबंद की गई तथा आरोपियों की पहचान हेतु फोटो एवं आधार कार्ड की छाया प्रति प्राप्त किया गया आरोपीगणो को थाना से रूकसत किया गया जप्तशुदा सम्पत्ति मय जप्ती पत्रक के एचसीएम को सुपुर्द किया गया अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया ।

कोयला चोरी पकड़ी किसने- अब आप यह तो नहीं कह सकते की श्री जे पी शर्मा अक्षम टी आई  अमलाई है क्योकि एफ आई  आर तो यही कहती है कि  उनकी पुलिस ने कोयला पकड़ा और आरोपियों को छोड़ भी दिया। लेकिन असली कहानी क्या है हम आपको बताने वाले है ………… 

 

फिर चकाजाम फिर क्यों हुआ?   माफिया कैसे काम करता है?  पुलिस की क्या साझेदारी है ? भोपाल का आका कौन ? पहलवान साहेब भी चुप क्यों ? कब से चल रहा है धंधा ?

आपके मन में बहुत से सवाल है जिनका जवाब जानने के लिए जुड़े रहिये। …………………………………………………

 

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